OOP's Concept in Hindi | Complete Detail

OOP (आब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग), प्रोग्रामिंग की एक भिन्न एप्रोच है | इसे प्रोग्रामर की प्रोडक्टिवटी को बढ़ाने के लिए बनाया गया है व इसके द्वारा प्रोसेजरल प्रोग्रामिंग एप्रोच की कमीयो को दूर किया गया है| अब तक बहुत सी आब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे c++ व smaltalk आ चुकी है व मार्केट में बहुत प्रचलित हो गयी है | इन लैंग्वेज को डेवेलप करने का मुख्य उद्देश्य प्रोग्राम के बढ़ते साइज़ व काम्प्लेक्सिटी को मैनेज करना होता है | पिछली पोस्ट में हमने Oops के बारे में जाना था और आज हम Oops के concept in Hindi में जानने वाले है.
OOPS बेसिक कन्सेप्ट
आब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग में उपयोग होने वाले बेसिक कन्सेप्ट निम्न है-
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1.आब्जेक्ट

यह ऐसे पर्सन, बैंक अकाउंट या किसी आइटम को दर्शाता है जिसे प्रोग्राम द्वारा सम्भाला जाता है | जब प्रोग्राम execute होता है तब आब्जेक्ट एक दुसरे से मेसेज sending द्वारा इंटरेक्ट करते है| उदाहरण के लिए , यदि प्रोग्राम में ‘कस्टमर’ व ‘अकाउंट’ दो आब्जेक्ट है तो कस्टमर आब्जेक्ट ,अकाउंट आब्जेक्ट को बैंक बैलेंस के लिए मेसेज भेज सकता है |
 OOPs Concept kya hai?
प्रत्येक आब्जेक्ट में डाटा को मेनुपुलेट करने के लिए डाटा व कोड शामिल होते है | आब्जेक्ट्स एक दुसरे के डाटा या कोड की इनफार्मेशन जाने बिना इंटरेक्ट करते है | यह जानना बहुत होता है कि एक्सेप्टेड मेसेज का प्रकार व आब्जेक्ट द्वारा लोटाये गये रिस्पांस का प्रकार क्या है |

2.क्लासेस

आब्जेक्ट में डाटा को मेनुपुलेट करने के लिए डाटा व फंक्शन या कोड शामिल होते है | आब्जेक्ट के डाटा व कोड का सम्पूर्ण समूह, क्लास की मदद से यूजर-डिफाइंड डाटा टाइप बनाते है | ये आब्जेक्ट टाइप क्लास के वेरिएबल होते है|

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एक बार क्लास को परिभाषित करने के बाद हम इस क्लास से एसोसिएट कितने भी आब्जेक्ट बना सकते है| उदाहरण के लिए, mango, apple व orange, क्लास फ्रूट के सदस्य है | यदि फ्रूट को क्लास की तरह परिभाषित करते है तो स्टेटमेंट फ्रूट मेंगो, क्लास फ्रूट का मेंगो आब्जेक्ट बनाता है |

3. डाटा एस्बट्रैक्शन

एस्बट्रैक्शन बिना बैकग्राउंड की जानकारी बताये कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओ को दर्शाता है | इस कांसेप्ट को समझने के लिए हम ‘switchboard’ का उदाहरण लेते है | आप केवल आपकी आवश्यकता अनुसार कुछ निश्चित switches को प्रेस  कर सकते है | आपको इन switches की इंटरनल वर्किंग जानने के लिए आवश्यकता नही है | इसके अंदर क्या होता है, यह आपसे छुपा रहता है| यह एस्बट्रैक्शन है जहा आप switch board की background की जानकारी जाने बिना switch board की कुछ चीजो को ऑपरेट कर सकते है |

4.डाटा इन्केप्सुलेशन

इन्केप्सुलेशन, OOP का बहुत बेसिक कंसेप्ट है| यह डाटा व फंक्शन दोनों को जोड़ने का तरीका है जो एक सिंगल यूनिट में डाटा को ऑपरेट करता है | केवल फंक्शन द्वारा डाटा को एक्सेस किया जा सकता है| यह फंक्शन डाटा के साथ जुड़े रहते है | ये c++ में member फंक्शन की तरह होते है | डाटा को सीधे एक्सेस करना सम्भव नही होता है|
 OOP Concept
यदि आप आब्जेक्ट में डाटा आइटम  तक पहुचना चाहते है तो आप आब्जेक्ट में memberफंक्शन  को कॉल कर सकते है| यह डाटा आइटम  को पढ़ता है | व मान को आप तक पहुचाता है | यह डाटा छुपा रहता है, इसलिये यह सुरक्षित व एक्सीडेंटल अल्टरनेशन से दूर रहता है| डाटा व इसके फंक्शन एक सिंगल entity में इन्केप्सुलेटेड होते है |

5. मोड्युलेरीटी

प्रोग्राम को अलग-अलग कम्पोनेंट में विभाजित करना मोड्युलेरीटी कहलाता है | यह निम्न फायदे देता है –
  • यह कुछ हद तक कोम्प्लेक्सिटी को कम करता है |
  • यह प्रोग्राम में बहुत सी सु-परिभाषित डॉक्यूमेंटेड बाउंड्री बनाता है |
मोड्यूल स्वयं में एक अलग यूनिट है | इसे independently कंपाइल किया जाता है ,इसलिए इसे अन्य मोड्यूल के साथ लिंक किया जा सकता है | मोड्यूल, प्रोग्राम के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य किया करता है |

6. Inheritance

यह existing class में नई class को परिभाषित करने की क्षमता  प्रदान करता है | इस existing class को base class व नई class को derived-class कहते है| इस पर बहुत से उदाहरण दिये गये है | उदाहरण के लिए , मोटरसाइकिल स्वयं में एक class है | यह two wheelers class की सदस्य भी है | two wheeler class, automotive class की सदस्य है | automotive, base class का उदाहरण है व two wheelers इसकी derived classहै |
 OOPs concept in hindi
आसान शब्दों में, हम यह कह सकते है की motorcycle एक two wheeler automotive है | c++ इस प्रकार  के classes की हिएरार्चिकल क्लासिफिकेशन को  सपोर्ट करता है | inheritance का मुख्य लाभ यह है की  हम generic base class भी बना सकते है अत: मौजूद क्लास  में कुछ नई विशेषताये जोड़ नई क्लास  को प्राप्त कर सकते है| प्रत्येक  नई  class में  दोनों classes की विशेषताये होती है | inheritance मौजूद class को अनुमति देती है की नई एप्लीकेशन  को बिना मॉडिफिकेशन करे अपनाती है |

7. पोलिमार्फिज्म

Oop के पॉवर की एक key है| यह वह concept  है जो  डाटा को एक से अधिक फॉर्म में प्रोसेस्ड होने की  क्षमता प्रदान करती है | उदाहरण के लिए, एक  ऑपरेशन अलग-अलग instances में अलग-अलग व्यवहार कर सकता है| इसका behaviour, आपरेशन में उपयोग होने वाले डाटा के प्रकार पर निर्भर  करता है | हम addition का आपरेशन लेते है | दो संख्याओ के लिए यह आपरेशन sum generate करता है | यदि operands, स्ट्रिंग होते है तो आपरेशन, concatenation द्वारा तीसरी स्ट्रिंग बनाता है |
OOP, प्रोग्राम डिज़ाइनर व यूजर दोनों को बहुत से लाभ प्रदान करता है| ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड अप्रोच, सॉफ्टवेर development व सॉफ्टवेर प्रोडक्ट से सम्बन्धित बहुत सी प्रॉब्लम को हल करने में मदद करता है| ये नई technology, अधिक प्रोग्रामर प्रोडक्टिविटी, सॉफ्टवेर की बेहतर quality व कम maintenance cost प्रदान करती है|
इसके मुख्य लाभ निम्न है-
  • सॉफ्टवेर कोम्प्लेक्सिटी को आसानी से मैनेज करता है |
  • ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड सिस्टम को आसानी से अपग्रेड करता है|
  •  यह ऑब्जेक्ट पर आधारित प्रोजेक्ट में कार्य को बाँटने  में आसान बनाता है |
आशा करता हु कि आपको Oops concept in Hindi समझ में आ गया होगा.

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